सभी मित्रजानो को मेरा नमस्कार । आज मैं अपनी जिंदगी से कुछ पल यहा बताना चाहता हु । आज मैं अपने परिवार और अपने बारे मे कुछ शेयर करूँगा और अगले ब्लॉग से अपने सैन्य सेवा के दौरन अपने जीवन की संबंधित कुछ चीजें शेयर करूँगा।
मैं एक सामान्य परिवर से सम्बंध रखता हूं । मेरे पापा ने आर्मी मैं 17 साल अपने जीवन के भारतिय सेना को समर्पित किये है । हम 5 भाई बहन है ।। 4 बहन और 1 मैं । मेरे पापा 2003 मैं सेवानिवृत्त हो चुके थे और उन की कंधों पर बहुत जिमेदारिया थी । 4 लड़कियों की सादी कर पाना और परिवार की जरूरतों का ध्यान रख पाना कितना कठिन था उस वक्त आज मुझे महसूस हो रहा है । पर उन्हीने वो आज तक कभी न अपनी जिमेदारियो से हारे न ही कोई जिम्मेदारी बाकी छोड़ी ।। उन्हीने आज तक अपने सपनो को परिवार की जिम्मेदारी के आगे नही आने दिया । एक फौजी होना कोई गुनाह नही है बल्कि फक्र की बात है । पर एक फौजी की जिमेदारिया कभी पूरी नही होती न वो इतना सक्षम है कि पूरी परिवार की जरूरतें पूरी कर सके न अपनी ।।। मैं भी एक सेन्य कर्मी या कहो तो फोजी हु । और चाहता हु की आपने पापा की तरह हर जिम्मेदारी मैं खरा उतरु। जब मैं12th किया तब कभी सोचा भी नही की मैं फ़ौज मैं जाउगा सपने कुछ और थे और उन्हें जीने के सपने सोचता रहता था।। फिर एक दिन पापा ने जब अपने आर्थिक समस्या को मेरे सामने रखा तो तब समझ आया कि जिमेदारी सिर्फ मेरे पापा की नही मेरी भी है । तब सोचा कि मुझे फ़ौज मैं ही जाना चाहिए |